#dspsantoshpatel जब अपने घर डीएसपी बनकर पहली बार पहुँचे तो खेत में काम करती माँ भावुक हो गई और उसके भावना के शब्द थे कि ऐ ग़रीबी! देख तेरा ग़ुरूर टूट गया तेरा मुँह काला हो गया, तू मेरी दहलीज़ पर बैठी रही मेरा बेटा पुलिस वाला हो गया। अनपढ़ माँ भी पढ़ाई लिखाई के लिए अपने बेटे को प्रेरित करती थी और आज ख़ुशियाँ सबके सामने है। @dspsantoshpatelofficial #poems #police #policeofficer साभार-Bundelkhand literature festival